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पहलवान बजरंग पूनिया की दैनिक नवज्योति से खास बातचीत, मेडल वाजपेयी को किया समर्पित

Thursday, August 30, 2018 18:05 PM

बजरंग पूनिया (फाइल फोटो)

जयपुर। हारने की परवाह करते, तो हम जीतना छोड़ देते हैं, लेकिन जीत हमारी जिद है और जिद के हम राजा हैं’ यह कहना है इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित 18वें एशियन खेलों में भारत के लिए पुरूषों के 65 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मैडेल जीतने वाले हरियाणा के गोल्डन ब्वॉय पहलवान बजरंग पूनिया का। दैनिक नवज्योति संवाददाता से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं यह गोल्ड मैडेल पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी जी को समर्पित करता हूं। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार खेल को बहुत प्रोत्साहन देने के साथ ही खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है। ताकि राज्य और देश का नाम रोशन हो। अब देखने में आ रहा है कि यूथ भी पहलवानी में रूचि लेने लगा है। यहां पहलवानी में कोचिंग देने के लिए कई अच्छे कोच हैं। यहीं कारण है कि हरियाणा में तेजी से हर खेलों में प्रतिभाएं सामने आ रही है। बजरंग ने पहलवानी में करिअर बनाने वाले यूथ को संदेश देते हुए कहा कि अगर इस खेल में करिअर बनाना है तो बस ये ध्यान रखें कि अच्छा प्रदर्शन करना है। जी-जान से इस खेल के प्रति समर्पित हो जाए। पहलवानी में ताकत के साथ दिमाग का भी बेहतर उपयोग करने से सामने वाले खिलाड़ी पर हावी होकर उसे हराया जा सकता है।

2020 के बाद सोचूंगा
बजरंग पूनिया ने कहा कि अभी 2020 में होने वाले खेलों पर फोकस है। कोशिश रहेगी कि आगे भी भारत के लिए गोल्ड मैडल जीतूं। शादी की बात पर पूनिया ने कहा कि अभी पहलवानी में और अच्छा प्रदर्शन करना है साथ ही आगे होने वाली प्रतियोगिताओं में फोकस करना है। इसलिए 2020 के बाद ही शादी के बारे में सोचूंगा। सुबह-शाम प्रेक्टिस करता हूं। कोच की बताई डाइट लेता हूं।

मैच में गलती की गुंजाइन नहीं
पूनिया ने कहा कि पहलवानी में प्रेक्टिस के दौरान अगर कोई गलती होती है तो उसे सुधारने के लिए दूसरा मौका मिलता है। लेकिन अन्तरराष्ट्रीय स्तर में मुकाबले के दौरान गलती की कोई गुंजाइश नहीं रहती। फाइनल मुकाबले में बस मुझे अपने अपोजिट खिलाड़ी को हराना था। इस दौरान एक ही जुनून सवार था कि अपने देश के लिए गोल्ड जीतना है। इसी का नतीजा है कि फाइनल मुकाबले में जापान के पहलवान तकातानी डियाची को हराकर जीत दर्ज की।

अन्य देशों में भी जीते पदक
नवज्योति के साथ बातचीत में बजरंग ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में स्वर्ण के अलावा विश्व चैंपियनशिप 2013 में ब्रॉन्ज जीता। उन्होंने 2014 एशियाई खेलों और ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में सिल्वर मेडल जीता था।

 

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