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देखने और सुनने की जबरदस्त ताकत होती है टाइगर में

Monday, January 07, 2019 11:40 AM

हम इस स्तंभ में पहले भी लिख चुके हैं कि आज से 80-90 साल पहले तक जयपुर के आसपास वन्यजीवों की बहुतायात थी। इन वन्यजीवों में टाइगर, पैंथर, जंगली सूअर भी अच्छी संख्या में थे। उस समय जयपुर रियासत में शिकार का एक अलग महकमा हुआ करता था, जिसके प्रभारी कर्नल केसरी सिंह थे। जयपुर से करीब 19 मील दूर रामगढ़ बांध के पास कर्नल केसरी सिंह ने एक ऐसी जगह तैयार कराई थी, जहां बाघ को ललचाने के लिए बिजली की तेज रोशनी में पाडा बांधा जाता था

और कोई भी व्यक्ति पास में ही बनी एक पक्की बुर्ज में आराम से बैठकर जंगल के राजा को भोजन करते हुए देख सकता था। एक रात को करीब 10 बजे टाइगर वहां आया और पाडे को मारने के बाद उसे खाने लगा। कर्नल टाइगर से महज 15 गज दूर बैठे थे, लेकिन टाइगर को गंध से इसका कोई पता नहीं चल रहा था।

अकारण ही गोली मारने का तो कोई इरादा नहीं था, इसलिए कर्नल साहब ने सोचा कि क्यों ना इस बात की परीक्षा ले ली जाए कि बाघ के सुनने की ताकत कितनी है। उन्होंने खाकी सूती कपड़े पहन रखे थे और बाघ के कानों की थाह लेने के लिए उन्होंने अपने दोनों बाजुओं को भिड़ाकर हल्के से रगड़ा। यह हल्की सी रगड़ या मसलन की आवाज भी बाघ के लिए काफी थी, वह तुरंत अपना भोजन छोड़कर उठ खड़ा हुआ और जंगल में गायब हो गया। इस जानवर के कान सचमुच गजब के होते हैं। कर्नल साहब अपनी पुस्तक ‘हिन्ट्स आॅन टाइगर शूटिंग’ में लिखते हैं कि ऐसा एक बार नहीं, अनेक बार हुआ है। वे पास ही मचान पर बैठे रहे हैं, पर बाघ सूंघकर कभी उनका पता नहीं चला सका।

5 गज की दूरी से भी नहीं। कानों के साथ-साथ टाइगर की आंखें भी जबरदस्त होती हैं। जयपुर के निकट बंध बूचरा की घाटी में एक बार वे सूखे पत्तों की एक झाड़ी की ओट से टाइगर को अपना शिकार खाते देख रहे थे। टाइगर का मुंह झाड़ी की ओर ही था और जब उसने अपना मुंह एक ओर मोड़ा तो कर्नल ने अपनी राइफल की नाली को जरा सा उस झाड़ी के बाहर निकाल लिया। राइफल की नाली के मामूली से हिलने-डुलने को टाइगर ने तुरंत भांप लिया और उठकर जंगल में चला गया।

इसके बाद वह वहां लौटकर ही नहीं आया। भगवान ने टाइगर को देखने और सुनने की जैसी ताकत दी है, अगर सूंघने की भी वैसे ही दे देता तो संसार में कोई जानवर शायद उससे बच ही नहीं पाता। कानों की जबरदस्त ताकत के सहारे ही वह घने जंगल में दूसरे जंगल के जीवों का पता लगाकर उनका शिकार करता है।  

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