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विधायक बनना चाहते हैं कई सांसद

Wednesday, December 05, 2018 09:50 AM

राजस्थान विधानसभा के लिए आगामी सात दिसम्बर को होने जा रहे चुनाव में राजस्थान के कई मौजूदा व पूर्व सांसद विधायक बनने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। कुछ माह पूर्व अलवर व अजमेर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा सांसदों की मृत्यु हो जाने पर दोनों सीटों के लिए उपचुनाव हुए थे जिनमें दोनों पर ही कांग्रेस विजयी हुई  थी। लोकसभा उपचुनाव में जीते दोनो सांसद अलवर से डा. कर्णसिंह यादव व अजमेर से डा.रघु शर्मा विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं।

डा. रघु शर्मा पूर्व में अजमेर जिले की केकड़ी सीट से एक बार विधायक व सरकार के मुख्य सचेतक रह चुके हैं। इसलिए वो पुन: केकड़ी सीट से चुनाव लड़ रहें हैं। केकड़ी में रघु शर्मा का मुकाबला भाजपा के नये प्रत्यााशी राजेन्द्र विनायक से हैं। रघु शर्मा 2013 में भाजपा के शत्रुध्न गौतम से चुनाव हार गए थे। भाजपा ने सरकार में संसदीय सचिव शत्रुघ्न गौतम का टिकट काट कर नए चेहरे राजेन्द्र विनायक को मैदान में उतारा है। अलवर से कांग्रेस सांसद डा.कर्णसिंह यादव किशनगढ़ बास सीट से विधायक बनने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। वहां भाजपा ने अपने वर्तमान विधायक रामहेत यादव को ही मैदान में उतारा है। डा.कर्णसिंह यादव पूर्व में विधायक भी रह चुके हैं।

भाजपा ने बाडमेर से मौजूदा सांसद कर्नल सोनाराम को बाड़मेर विधानसभा सीट पर प्रत्याशी बनाया है। जहां उनका मुकाबला कांग्रेस से लगातार दो बार चुनाव से जीतते आ रहे विधायक मेवाराम जैन से हो रहा है। कर्नल सोनाराम पूर्व में तीन बार सांसद व एक बार विधायक रह चुके हैं। भाजपा के दौसा से सांसद हरीशचन्द्र मीणा ने कुछ दिनो पूर्व दल बदलकर कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस ने उन्हे देवली उनियारा से विधानसभा का टिकट दिया है जहां उनका मुकाबला भाजपा के राजेन्द्र गुर्जर से होगा।

लोकसभा के इन चारो मौजूदा सांसदों के चुनाव लड़ने से लगता है कि उनकी पार्टी के लिए ये सीटे जीतना सांसद से ज्यादा महत्वपूर्ण है। वैसे भी लोकसभा का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। ऐसे में इनको लगता हो की अगली बार पुन: सांसद का चुनाव जीेते या नहीं। मौका मिला तो पांच साल के लिए विधायक पद पक्का हो जाएगा। यदि हार गए तो बचे हुए कार्यकाल तक सांसद तो रहेगें ही। इन चार वर्तमान सांसदों के अलावा राजस्थान में कई पूर्व सांसद भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कांग्रेस से पूर्व में सांसद व प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत जोधपुर जिले की सरदारपुरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहां भाजपा के प्रत्याशी पिछली बार चुनाव लड़ चुके शम्भूसिंह खेतासर हैं।

दौसा व अजमेर से सांसद व केन्द्र में मंत्री रहे व मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलेट टोंक सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं जहां उनका मुकाबला भाजपा प्रत्याशी व राज्य के सार्वजनिक निर्माण विभाग के मंत्री युनूस खान से हो रहा है। तीन बार उदयपुर से व एक बार चितोड़गढ़ सीट से सांसद, केन्द्र व राज्य सरकार में मंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रह चुकी डा.गिरजा व्यास का उदयपुर शहर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी गुलाबचन्द कटारिया से मुकाबला हो रहा है। गुलाबचन्द कटारिया वर्तमान में राज्य सरकार में गृह मंत्री है तथा पूर्व में कई बार प्रदेश में मंत्री, प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष व 1989 में उदयपुर से लाकसभा के सांसद रह चुके है।

2008 में नाथद्वारा सीट पर एक वोट से हारने के कारण डा.सीपी जोशी उस समय मुख्यमंत्री बनते - बनते रह गए थे। जोशी 2009 में भीलवाड़ा से लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं। जोशी केन्द्र व राज्य सरकार में मंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं। जोशी इस बार फिर से नाथद्वारा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहें हैं। जहां उनका मुकाबला कांग्रेस से भाजपा में आये महेश प्रताप सिंह से हो रहा है। जयपुर से सांसद व विधायक रह चुके महेश जोशी हवामहल सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। जहां उनके मुकाबले भाजपा के मौजूदा विधायक सुरेन्द्र पारीक से है। हवामहल से पण्डित नवल किशोर शर्मा के बेटे बृजकिशोर शर्मा का टिकट काट कर अशोक गहलोत खेमे के महेश जोशी को दे दिया गया जिससे बृजकिशोर शर्मा नाराज हो रहे हैं।

चूरू जिले की तारानगर सीट से चुनाव लड़ रहे नरेन्द्र बुडानिया पूर्व में लोकसभा, राज्यसभा व विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। उनका मुकाबला भाजपा के राकेश जांगिड़ व निर्दलीय डा.सीएस बैद से है। बैद पूर्व विधायक है व उनके पिता चन्दनमल बैद पूर्व में कई बार विधायक रह चुके थे।  जयपुर शहर की झोटवाड़ा सीट से चुनाव लड़ रहे लालचन्द कटारिया जयपुर ग्रामीण से सांसद केन्द्र में मंत्री व विधायक रह चुके हैं। यहां भाजपा ने उद्योगमंत्री राजपालसिंह शेखावत को फिर से मैदान में उतारा है। उदयपुर सीट से कांग्रेस सांसद रह चुके रघुवीर मीणा सलूम्बर से चुनाव लड़ रहे हैं जहां उनका मुकाबला भाजपा के मौजूदा विधायक अमृतलाल मीणा से होगा। रघुवीर मीणा राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं व वर्तमान में कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य हैं।

बाडमेर से कांग्रेस सांसद रह चुके हरीश चौधरी बायतू सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। वहां भाजपा ने मौजूदा विधायक कैलाश चौधरी को फिर से मैदान में उतारा है। बीकानेर से कांग्रेस सांसद रह चुके रामेश्वर डूडी नोखा से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं जहां उनका मुकाबला भाजपा के कैलाश विश्नाई से होगा। डूडी यहां से मौजूदा विधायक व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। चित्तोड़गढ़ से कांग्रेस सांसद रहे उदयलाल आंजना का मुकाबला भाजपा के श्रीचन्द कृपलानी से होगा। कृपलानी राज्य मंत्री मण्डल में शहरी विकास मंत्री हैं व पूर्व में सांसद रह चुके हैं। कोटा से कांग्रेस सांसद रहे शान्ति धारीवाल कोटा उत्तर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला भाजपा के प्रहलाद गुजल से होगा। धारीवाल पूर्व में राज्य सरकार में मंत्री व कोटा के जिला प्रमुख रह चुके हैं।

- रमेश सर्राफ धमोरा






 

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