नरक चतुर्दशी पर होती है यमराज की पूजा, जानें विधि - Dainik Navajyoti
Dainik Navajyoti Logo
Thursday 15th of November 2018
Home   >  Rajasthan   >   Jaipur   >   News
जयपुर

नरक चतुर्दशी पर होती है यमराज की पूजा, जानें विधि

Tuesday, November 06, 2018 11:55 AM

जयपुर। नरक चतुर्दशी कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को कहा जाता है। नरक चतुर्दशी को छोटी दीपावली भी कहते हैं। इसके अतिरिक्त इस चतुर्दशी को नरक चौदस, रूप चौदस, रूप चतुर्दशी, नर्क चतुर्दशी या नरका पूजा के नाम से भी जाना जाता है। मान्यताओं के अनुसार यह माना जाता है कि कार्तिक कृष्णपक्ष चतुर्दशी के दिन मृत्यु के देवता यमराज की पूजा का विधान है। दीपावली से एक दिन पहले मनाई जाने वाली नरक चतुर्दशी के दिन संध्या के पश्चात दीपक प्रज्जवलित किए जाते हैं। इस चतुर्दशी का पूजन कर अकाल मृत्यु से मुक्ति तथा स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए यमराज जी की पूजा व उपासना की जाती है।

अन्य प्रसंगानुसार भगवान श्रीकृष्ण ने कार्तिक माह में कृष्ण चतुर्दशी के दिन नरकासुर का वध करके देवताओं व ऋषियों को उसके आतंक से मुक्ति दिलवाई थी। इसके साथ ही कृष्ण भगवान ने सोलह हजार कन्याओं को नरकासुर के बंदीगृह से मुक्त करवाया। इसी उपलक्ष्य में नगरवासियों ने नगर को दीपों से प्रकाशित किया और उत्सव मनाया। तभी से नरक चतुर्दशी का त्यौहार मनाया जाने लगा।

क्या करें
इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर शरीर पर तेल या उबटन लगाकर मालिश करने के बाद स्रान करना चाहिए। ऐसा माना जाता हैं कि जो व्यक्ति नरक चतुर्दशी के दिन सूर्य के उदय होने के बाद नहाता हैं। उसके द्वारा पूरे वर्ष भर में किए गए शुभ कार्यों के फल की प्राप्ति नहीं होती। सूर्य उदय से पहले स्रान करने के बाद दक्षिण मुख करके हाथ जोड़कर यमराज से प्रार्थना करें। ऐसा करने से व्यक्ति के द्वारा किए गए वर्ष भर के पापों का नाश होता हैं।

विशेष पूजा
इस दिन विशेष पूजा की जाती है जो इस प्रकार होती है, सर्वप्रथम एक थाल को सजाकर उसमें एक चौमुख दिया जलाते हैं तथा सोलह छोटे दीप और जलाएं तत्पश्चात रोली खीर, गुड़, अबीर, गुलालए तथा फूल  से ईष्ट देव की पूजा करें। इसके बाद अपने कार्य स्थान की पूजा करें, पूजा के बाद सभी दीयों को घर के अलग -अलग स्थानों पर रख दें तथा गणेश एवं लक्ष्मी के आगे धूप दीप जलाएं। इसके पश्चात संध्या समय दीपदान करते हैं जो यम देवता, यमराज के लिए किया जाता है।  इस दिन स्रानादि से निपट कर यमराज का तर्पण करके तीन अंजलि जल अर्पित किया जाता है। संध्या के समय दीपक जलाये जाते है। तेरस ,चौदस और अमावस्या तीनो दिन दीपक जलाने से यम यातना से मुक्ति मिलती है तथा लक्ष्मी जी का साथ बना रहता है।
 

Other Latest News of Jaipur -

भाई दूज का त्यौहार आज, जानें शुभ मुहूर्त

दिवाली के त्यौहार के पांचवे दिन भाई दूज मनाया जाता है। यह दीपावली और गोवर्धन के बाद मनायसा जाता है।

09 Nov 10:20 AM

चुनावी लाभ के लिए राम मंदिर मुद्दा, भाजपा का कोई हथकंडा चुनाव में नहीं चलेगा : पायलट

राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने चुनावी लाभ के लिए राममंदिर का मुद्दा उठाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा कोई भी हथकंडा अपनाये चुनाव में उसकी नहीं चलेगी।

06 Nov 16:05 PM

दीपावली पर होती है लक्ष्मी की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त

दीपावली के अवसर पर पूरा देश रोशनी से जगमगा रहा है। इस दिन लक्ष्मी पूजन की परंपरा है। इसके साथ ही गणेश पूजन, कुबेर पूजन और बही-खाता पूजन भी किया जाता है।

06 Nov 15:05 PM

दीपावली पर JDA में हुआ लक्ष्मी पूजन

जयपुर विकास आयुक्त वैभव गालरिया ने दीपावली के उपलक्ष में छोटी दीपावली को जेडीए प्रांगण में मुख्य द्वार पर विधिवत मंत्रोच्चार के साथ मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना कर जेडीए एवं जयपुर शहर के विकास की कामना की।

06 Nov 13:00 PM

पुलिस मुख्यालय में हुआ दीपावली स्नेह मिलन समारोह, गल्होत्रा ने दी शुभकामनाएं

महानिदेशक पुलिस ओपी गल्होत्रा ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित दीपावली स्नेह मिलन समारोह में पुलिस विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

06 Nov 13:55 PM