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पांच दिन के बच्चे की एंडोस्कोपिक सर्जरी कर नाक के दुर्लभ ब्लॉकेज को किया ठीक

Saturday, December 15, 2018 12:20 PM

पांच दिन के बच्चे की सफल एंडोस्कोपिक सर्जरी कर नाक से सम्बंधित एक दुर्लभ प्रकार के ब्लॉकेज को ठीक किया है।

जयपुर। शहर के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने समय पूर्व जन्मे पांच दिन के बच्चे की सफल एंडोस्कोपिक सर्जरी कर नाक से सम्बंधित एक दुर्लभ प्रकार के ब्लॉकेज को ठीक किया है। इस समस्या के चलते बच्चे के शरीर में भरपूर मात्रा में आॅक्सीजन नहीं पहुंच रहा था जिसकी वजह से उसका शरीर नीला हो गया था। फोर्टिस हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट ईएनटी डॉ. मोहन कुलहारी ने बताया कि जन्म के तुरंत बाद बच्चे सिर्फ नाक से सांस ले सकते हैं, वे सांस लेने के लिए मुंह का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं, क्योंकि उन्हें सिर्फ नाक से ही सांस लेना आता है।

इस आॅपरेशन में दोहरी चुनैतियां थी। यह ब्लॉकेज बोनी ऐट्रेशिया था जो कि इस रोग से ग्रसित बच्चों में से सिर्फ  30 प्रतिशत मामलों में ही पाया जाता है और दूसरा चूंकि बच्चा समय से पहले जन्मा था, इसलिए और भी ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत थी। यह सम्भवत: पहला मामला है जिसमें एक समयपूर्व जन्मे बच्चे की इस प्रकार की सर्जरी की गई है। इस तरह के आॅपरेशन के अन्य कई मामले हैं मगर उनमें सर्जरी फुल टर्म बच्चों की हुई है।

यूं की सर्जरी: डॉ. कुलहारी ने बताया कि कोअनल ऐट्रेशिया के आॅपरेशन में पहले अपनाई जाने वाली पद्धति में नाक के भीतर स्टेंट डालकर सांस लेने के लिए रास्ता बनाया जाता था, जो कि कुछ महीनों के बाद निकाल दिया जाता था। इस पद्धति में संक्रमण होने का खतरा रहता था और स्टेंट निकाल दिए जाने के बाद ब्लॉकेज दोबारा लौटने का खतरा भी बना रहता था। एंडोस्कोपिक सर्जरी में नाक के रास्ते में स्टेंट डालने की जरूरत नहीं पड़ती है और इससे सर्जरी ज्यादा उपयुक्त ढंग से हो पाती है, क्योंकि यह एक फुल विजन सर्जरी होती है।

 इस सर्जरी के बाद ब्लॉकेज के वापस लौटने का खतरा भी कम रहता है। हमने बच्चे की नसिका में सांस लेने के लिए बड़ा रास्ता बना दिया है और इसमें कोइ स्टेंट या ट्यूब भी इस्तेमाल नहीं किया है।

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