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तकलीफ देह जीवन को सामान्य बना रही है हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी

Saturday, October 20, 2018 11:10 AM

कॉन्सेप्ट फोटो

जयपुर। बदलती जीवनशैली के कारण लोगों में कई तरह की हड्डियों की बीमारियां फैल रही है, लेकिन आधुनिक तकनीकों के कारण इन बीमारियों का इलाज भी आसान होता जा रहा है। हमारे शरीर में कूल्हे के जोड़ों का महत्व हम सब जानते हैं। इनके खराब होने से व्यक्ति को चलना एवं उठने-बैठने में भी काफी तकलीफ होती है। लेकिन कूल्हों के जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी से मरीज को न केवल दर्द से छुटकारा मिलता है बल्कि वह सामान्य जीवन भी व्यतीत कर सकता है।

जब जरूरत हो तभी करवाएं रिप्लेसमेंट
डॉ. दुबे ने बताया कि कूल्हे के जोड़ों की रिप्लेसमेंट सजÊरी तभी करवानी चाहिए जब इसकी जरूरत हो। दोनों में से किसी एक में तकलीफ हो तो उसका उपचार करवाए। उन्होंने बताया कि तकलीफ जब शुरुआती दिनों में हो तो इसे दवाओं या फिजीयाथेरेपी से कवर किया जा सकता है, लेकिन इनसे कोई फायदा न हो रहा हो तो रिप्लेसमेंट सजÊरी एकमात्र कारगर उपाय है।

क्या है हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी
सीनियर जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. धीरज दुबे ने बताया कि हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी में हमारे खराब हो चुके कूल्हे के जोड़ों को कृत्रिम जोड़ से बदला जाता है। कूल्हे के जोड़ बॉल और सॉकेट से जुड़े होते हैं, जिससे इन जोड़ों को कई दिशाओं में मोड़ा जा सकता है। जांघ की हड्डी का ऊपरी भाग जिसे फीमर हेड भी कहते हैं, कूल्हे के जोड़ की हड्डी होती है और ऐसीटैबुलम इसका सॉकेट होता है। कूल्हे के जोड़ों की आशिंक रिप्लेसमेंट सजÊरी में सिफÊ कूल्हे की बॉल को बदला जाता है। वहीं फुल रिप्लेसमेंट सर्जरी में बॉल को बदला जाता है और सॉकेट को रिपेयर किया जाता है।

 

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