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परेशानी न बन जाएं हवाई यात्रा में बैरोट्रॉमा

Saturday, September 29, 2018 10:45 AM

जयपुर। अभी हाल ही में जेट एयरवेज के विमान में हवा का दबाव कम होने के कारण यात्रियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। आॅक्सीजन मास्क लगाए गए। घटना के समय विमान करीब 11000 फ ीट की ऊंचाई पर था। यह स्थिति बहुत ही होती है। 13 साल पहले ग्रीस में इसी प्रकार के हादसे से 121 लोग मारे गए थे। इस तरह की घटना को मेडिकल टर्मिनोलॉजी में बैरोट्रॉमा कहा जाता है।

कब होता है बैरोट्रॉमा
आमतौर पर यह तब होता है जब व्यक्ति कम दबाव के क्षेत्र में जाता है। जैसे हवाई जहाज में यात्रा करना।

क्या हो सकता है
बैरोटोमा  के कारण शरीर के अंगों में ह्रदय, आंखें, त्वचा, मस्तिष्क, कान, दांत आदि पर घातक परिणाम  मिल सकते हैं।

अर्थ
वायु या जल के दाब में परिवर्तनों की वजह से आपके शरीर में लगने वाली चोट। इसका एक सामान्य प्रकार आपके कान में होता है। ऊंचाई में परिवर्तन होने पर आपके कानों में दर्द हो सकता है। यदि आप हवाई जहाज में उड़ते हैं, पहाड़ों पर गाड़ी चलाते हैं या स्कूबा डाइविंग करते हैं तो यह हो सकता है।

क्या हैं लक्षण
नाक से खून आना,उल्टी आना, हाथों में ट्रंबलिंग होना,कान दर्द,कान भरा हुआ महसूस होना,बहरापन,चक्कर आना आदि इसके लक्षण हैं। इकोकार्डियोग्राफी,कंप्यूटेड टोमोग्राफी तथा हिमोग्लोबिन की जांच अवश्य कराए। इसके अतिरिक्त सीबीसी, ईएसआर, ईसीजी, ब्लड प्रेशर तथा लिपिड प्रोफ ाइल आदि की जांच करा लेनी चाहिए। इसके बाद चिकित्सक को आपको उपचार देने में सुविधा रहेगी।

किन बातों का ध्यान रखें
हवाई यात्रा में जाने से पहले आपको कई बातों का ध्यान रखना आवश्यक है जिससे आने वाली परेशानियों से आप बच सकें। वॉलसेलवमनवर ऐसी टेक्निक है , यदि इमरजेंसी में हो, हवाई यात्रा में कम दबाव के कारण तो यह टेक्निक आपके लिए बहुत मददगार सिद्ध हो सकती है। यह टेक्निक आमतौर पर गहरे समुंदर के गोताखोरों द्वारा उपयोग में ली जाती है। जब दबाव बनना शुरू हो जाता है तो कानों में अवरोध करने से यह टेक्निक रोकती है। यह बहुत आसान है। सबसे पहले आप नाक को बंद करें अपने हथेली की अंगुलियों से,उसके बाद अपने मुंह में हवा भर कर मुंह को फु लाएं और मुंह में भरी भी हवा जो नाक और मुंह से बाहर ना आए उस का दबाव आप अपने कानों की तरफ  रखें,जिससे बाहर से आया हुआ बड़ा हुआ दबाव आपके कानों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा और आप ईयर बैरोट्रॉमा जैसी तकलीफ से बंच सकेंगे।

दूसरा तरीका: निगलना, चिल्लाना
 इसमें जब आप कुछ निगलते हैं या चबाते हैं या चिल्लाते हैं तो यह उन मांसपेशियों को उत्तेजित करता है जो आपके यू स्टे चीयन ट्यूब खोलते हैं जो आंतरिक कान में दबाव को कम कर सकते हैं । अर्थात यदि आप ऐसी इमरजेंसी में फंसे तो आप टॉफी को चलाएं या चिंगम चबाएं या पानी को धीरे-धीरे सीप करके पिएं या फि र बहुत तेज चिल्लाएं और या बहुत तेजी से बार-बार खांसी करें।

ऐसे कई रिस्क फेक्टर हैं जिसके कारण आपको बैरोट्रॉमा से पीड़ित होना पड़ सकता है, उनको थोड़ा अवॉइड करें। हवाई यात्रा से पहले किसी भी हालात में स्मोकिंग ना करें, डिहाइड्रेशन से बचें।
- डॉ.विकास सैनी, लेखक

 

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