सवर्णों को आरक्षण - Dainik Navajyoti
Dainik Navajyoti Logo
Thursday 17th of January 2019
Home   >  Editorial   >   News
संपादकीय

सवर्णों को आरक्षण

Wednesday, January 09, 2019 09:20 AM

संसद

पिछले महीने तीन राज्यों में सवर्णों की नाराजगी का नुकसान झेल चुकी भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार ने सवर्ण मतदाताओं को लुभाने के लिए एक बड़ा दांव चला है। सोमवार को केन्द्रीय मंत्रिमण्डल ने सोमवार को गरीब सवर्ण को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में दस फीसदी आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। सरकार ने मंगलवार को ही इसके लिए संसद में संविधान संशोधन विधेयक पेश भी कर दिया। एक लंबे समय से देशभर की सवर्ण जातियां आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग करती रही हैं। अब सरकार ने उन्हें आरक्षण देने की घोषणा करके साहसिक कदम उठा तो लिया है, लेकिन इसे अमल में लाने का काम आसान भी नहीं प्रतीत होता।

पिछड़ी जातियों के अधिसंख्य लोग भी आर्थिक रूप से कमजोर ही थे तो यह भी सच है कि आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों के बच्चों को भी न शिक्षा में, न नौकरी में कहीं आरक्षण नहीं मिल रहा। लेकिन अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि आर्थिक आधार पर आरक्षण को लागू करने के लिए क्या संविधान को बदला जा सकता है? इसके अलावा यह सवाल भी खड़ा होगा कि आरक्षण को लागू करने के दो-दो पैमाने किस प्रकार बनाए जा सकते हैं? यदि आर्थिक आधार को स्वीकार करते हैं तो सामाजिक आधार का क्या होगा? आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को अगर आरक्षण दिया जाता है तो यह एक अच्छी बात होगी। उन्हें भी समाज में अपनी जगह बनाने में मदद मिलेगी।

जाहिर इसके लिए संविधान में व्यापक संशोधन करना होगा और इसके लिए कम से कम छह माह का समय लगेगा क्योंकि संसद के दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत के साथ ही ऐसे संशोधन को देश की कम से कम 50 प्रतिशत विधानसभाओं में भी पारित कराना होगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट फैसला दे चुका है कि आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता है और फिलहाल यह इस सीमा तक पहुंच चुका है परन्तु देखना होगा कि सवर्णोंको आरक्षण देने की घोषणा के बाद अनुसूचित जातियों व पिछड़े वर्गों की क्या प्रतिक्रिया रहती है। वैसे देखें तो आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को आरक्षण देने का मोदी सरकार का यह फैसला राजनीतिक रूप से सोचा समझा है।

कई राजनीतिक दल भी इसकी मांग करते चले आ रहे हैं। कांग्र्रेस जैसे विपक्षी दल ने तो इसका समर्थन किया है। यह फैसला आर्थिक असमानता के साथ ही जातीय वैमनस्य को दूर करने की दिशा में भी ठोस कदम है। आर्थिक आधार पर आरक्षण का फैसला सबका साथ सबका विकास की अवधारणा के अनुकूल है। इसमें मोदी सरकार का कोई हित छिपा हो अथवा नहीं लेकिन आरक्षण के दायरे से बाहर के गरीबों के लिए जरूर हितकारी है। बहरहाल, मोदी सरकार का यह फैसला साहसिक और ऐतिहासिक है, फिर भी यह देखना है कि यह आसानी से अमल में आता है अथवा नहीं। इसी सत्र के अंतिम दिनों में पेश किया जाने वाला यह संशोधन विधेयक इस सत्र में तो शायद ही पारित हो पाए। इसके लिए तो संसद सत्र की अवधि बढ़ाने की जरूरत होगी।

हालांकि विरोधी दलों ने इस विधेयक पर अपनी संतुलित राय व्यक्त की है लेकिन इसका विरोध भी उनके लिए आसान नहीं होगा। वे विरोध के नाम पर बहानेबाजी का रवैया अपना सकते हैं, लेकिन यह अड़ंगा भी उन्हें भारी पड़ सकता है। वैसे भी यह आरक्षण एसी-एसटी आरक्षण के अतिरिक्त है तो इसमें विरोध की गुंजाइश कम ही नजर आती है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट अवश्य प्रतिकूल रवैया अपना सकता है। लेकिन संविधान में ऐसे आरक्षण की व्यवस्था हो चाहे न हो, यह आरक्षण संविधान के मूल उद्देश्य के अनुरूप ही है, क्योंकि यह भलाई के उद्देश्य से लिया गया फैसला है और संविधान भी लोगों के हित के लिए बना है।

Other Latest News of Editorial -

कर्नाटक में फिर सत्ता का नाटक शुरू

विधानसभा चुनावों के करीब सात माह बाद कर्नाटक में फिर सत्ता का नाटक शुरू हो गया है। प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्र्रेस-जद एस गठबंधन

17 Jan 08:55 AM

भाजपा का चुनावी एजेण्डा तैयार

राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय परिषद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पार्टी अध्यक्ष अमित शाह सहित विभिन्न नेताओं ने जैसे अपने विचार व्यक्त किए उनसे भाजपा का 2019 का चुनावी एजेण्डा लगभग तय हो गया है।

16 Jan 12:50 PM

चौंकाने वाली रिपोर्ट

ब्रिटेन में हैरियट-वॉट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने हाल ही अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है कि हर बार जब हम खाना खाने बैठते हैं

12 Jan 10:15 AM

वर्मा की वापसी

सुप्रीम कोर्ट ने आलोक वर्मा को सीबीआई के निदेशक पद पर बहाल कर दिया है। लेकिन उन्हें नीतिगत फैसले लेने की फिलहाल अनुमति

11 Jan 08:40 AM

माल्या पर सख्ती

कई बैंकों से नौ हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लेकर भागे शराब कारोबारी विजय माल्या को प्रिवेंशन आॅफ मनी लांड्रिंग एक्ट

08 Jan 09:40 AM