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GST छूट की सीमा बढ़ाई, कंपोजिशन स्कीम के लिए भरना होगा वार्षिक रिटर्न

Thursday, January 10, 2019 17:15 PM

प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते वित्त मंत्री अरुण जेटली (फोटो साभार, ट्विटर @FinMinIndia)

नई दिल्ली। जीएसटी परिषद की बैठक में गुरुवार को कई फैसले लिए गए। जीएसटी से छूट की सीमा को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये करते हुये जीएसटी परिषद ने कंपोजिशन स्कीम की 1.5 करोड़ रुपये की सीमा को 1 अप्रैल 2019 से लागू करने का निर्णय लिया है।

जीएसटी परिषद के अध्यक्ष एवं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने परिषद की 32वीं बैठक के बाद गुरुवार को संवाददाताओं से कहा कि पहाड़ी एवं छोटे राज्यों के लिए जीएसटी छूट की सीमा को भी 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये व अन्य राज्यों में 20 लाख रुपये से 40 लाख रुपये कर दिया गया है। हालांकि पहाड़ी एवं छोटे राज्यों को इस सीमा को घटाने या बढ़ाने का अधिकार भी दिया गया है।

उन्होंने कहा कि कंपोजिशन स्कीम की सीमा अभी एक करोड़ रुपये है, जिसे 1 अप्रैल 2019 से 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस स्कीम में एक प्रतिशत जीएसटी लगेगा जो करदाताओं को तिमाही चुकाना होगा, जबकि रिटर्न वार्षिक भरना होगा। उन्होंने कहा कि छोटे सेवा प्रदाताओं को ध्यान में रखते हुये उनके लिए भी कंपोजिशन स्कीम लायी गयी है। अब वस्तु एवं सेवायें प्रदान करने वाले 50 लाख रुपये तक के कारोबारी इस स्कीम को अपना सकते हैं। इस पर 6 प्रतिशत जीएसटी चुकाना होगा तथा उन्हें भी रिटर्न वार्षिक भरना होगा।

जेटली ने कहा कि पुड्डुचेरी ने जीएसटी छूट की सीमा 10 लाख रुपये तक यथावत बनाये रखने की मांग की थी। इसलिए, छोटे और पहाड़ी राज्यों को इस सीमा को घटाने-बढ़ाने का अधिकार दिया गया है।

रियल एस्टेट, लॉटरी पर जीएसटी के लिए बनेंगे मंत्रियों के समूह
जीएसटी परिषद ने रियल एस्टेट को जीएसटी के तहत रियायतें देने व राज्यों द्वारा संचालित लॉटरी पर जीएसटी के संबंध में परिषद् के तहत ही मंत्रियों के दो समूह बनाने का निर्णय लिया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री एवं परिषद के अध्यक्ष अरुण जेटली ने गुरुवार को परिषद की यहां हुयी 32वीं बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि इस दोनों मुद्दों पर राज्यों के बीच बहुत मतभेद है। इसलिए, दोनों के लिए मंत्रियों के अलग-अलग समूह बनाने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट के लिए 7 सदस्यीय मंत्री समूह बनेगा और लॉटरी पर भी इसी तरह के मंत्री समूह का गठन किया जायेगा। राज्यों के वित्त मंत्री इन समूहों के सदस्य होंगे जिनके नाम बाद में तय किये जायेंगे। हालांकि, मंत्री समूहों को कब तक अपनी रिपोर्ट देनी होगी इस संबंध में उन्होंने स्पष्ट उत्तर नहीं दिया।

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