सेफ्टी फर्स्ट - Dainik Navajyoti
Dainik Navajyoti Logo
Friday 22nd of February 2019
Home  >  Blog   >  Blog Post
ब्लॉगर मंच

सेफ्टी फर्स्ट

$author    Rashi chaudhary

सुरक्षित रहना कॉलेज में आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यह सर्वोपरि है और किसी भी अन्य चीज से अधिक महत्वपूर्ण। इसका हमेशा ख्याल रखें, भले ही पार्टी में शामिल होना हो या देर रात की अत्यावश्यक बैठक में। पार्टी और बैठक करना तो ठीक है, लेकिन उनमें अकेले होना अच्छा नहीं। कितना भी आवश्यक हो, यदि आप अकेले बाहर हैं और अंधेरा घिरने लगा है, तो आपके साथ कोई न कोई जरूर होना चाहिए। संगी-साथियों को साथ लें। ऐसा तब होता है, जब दो या ज्यादा लोग ऐसी स्थिति में एक दूसरे की सुरक्षा और कुशल क्षेम की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार होते हैं। एक बहुत खतरनाक स्थिति तब होती है, जब आप अपने परिवेश से अनजान बने रहते हैं। भले ही समय दिन का हो या रात का। ईयरफोन लगा कर घूमना या अपना फोन स्क्रीन से चिपकाए रखना मुसीबत को दावत देने जैसा है।

यह हर तरह से खतरनाक है। वाहन चलाते समय भी परिवेश पर नजर रखना और उसके प्रति कानों को खोले रखना आवश्यक है। एक अन्य महत्वपूर्ण मशविरा यह है कि आपको कॉलेज परिसर के इर्द-गिर्द के रास्तों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। यदि आप कोई संदेहास्पद गतिविधि देखें, तो आपको पता होना चाहिए कि किधर घूम कर निकल जाना है। राह की जानकारी न होने से केवल आपके खौफ में इजाफा होगा और मामले से निपटने में कोई मदद नहीं मिलेगी। इन राहों की पहचान के लिए किसी मित्र या वरिष्ठ छात्र की सहायता लें। इन जानकारियों में कॉलेज परिसर में उन स्थानों का पता भी शामिल है, जहां आपातकालीन सहायता प्रणालियां मौजूद होती हैं। यदि आप स्वयं को मुसीबत में पाते हैं, तो आपको मालूम होना चाहिए कि जाना किधर है।

आपात स्थितियों में काम आने वाली नगदी हमेशा आपके पास होनी चाहिए। आपके कार्ड पर पैसा नहीं मिलने या कार्ड के अस्वीकृत हो जाने की गुंजाइश हो सकती है, लेकिन नकद राशि हमेशा आपकी मददगार होगी। आत्म नियंत्रण कभी न खोएं। अधिकतर मामलों में लोग स्वयं या अपने परिवेश पर नियंत्रण खो देने के कारण ही खतरनाक परिस्थितियों में पड़ जाते हैं। ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इसका फायदा उठाना भी आसान है। आपात स्थितियों में सम्पर्क किए जाने वाले नम्बर हमेशा अपने फोन में सेव करके रखें। यदि आप मुश्किल हालात में मिलते हैं, तो कोई भी सबसे पहले इसी की तलाश करेगा।

यदि आपका मित्र पार्टी से चल देता है, तो आप भी चल दें। यह महत्वपूर्ण है और जरूरी भी। आप ऐसी जगह में हर्गिज अकेले न रहें, जहां आप किसी को नहीं जानते। आप केवल उन्हीं के साथ अकेले जाएं, जिन पर आपको भरोसा है और जिनके बारे में आप जानते हैं कि वे आपको अकेले नहीं छोड़ेंगे। नतीजतन कहा जा सकता है कि कॉलेज में मौज मस्ती जरूरी है। यह अनुभवों का हिस्सा है। लेकिन उपरोक्त बातों को याद रखने से कॉलेज के दिलचस्प अनुभवों में इजाफा ही होगा और दुखद हालात से बचाव भी। इससे लम्बे दौर में और ज्यादा मौजमस्ती के मौके मिलेंगे। महफूज रहना आपके हाथ में है। किसी सूरत में अपनी सुरक्षा को खतरे में न डालें।

- राशि चौधरी
(लेखिका बोस्टन यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत)


 

Other Latest Blogs -

वजन कम करना जरूरी है, मुमकिन भी

कॉलेज का जीवन आमोद प्रमोद और खेलकूद से भरा होता है। लेकिन तभी तक, जब तक कि सहसा बढ़ गए मोटापे के कारण आपके कपड़े तंग न हो जाएं।

Rashi chaudhary

घर से दूर एक घर

ऐसी बहुत सारी जगहें नहीं होतीं, जिन्हें कोई घर कह सकें। फिर भी कॉलेज वह जगह होती है, जिसे आप घर कह सकते हैं।

Rashi chaudhary

यूनिवर्सिटी डायरी: विदेश में पढ़ाई, खर्च में बरतें किफायत

देशों में अध्ययन करना घर के आराम भरे माहौल से बिल्कुल अलहदा हो सकता है। कभी तो यह एक खौफनाक दुनिया सा लग सकता है और कभी चुनौतीपूर्ण।

Rashi chaudhary

मेरे अटल

अटल जी अब नहीं रहे। मन नहीं मानता। अटल जी, मेरी आंखों के सामने हैं, स्थिर हैं। जो हाथ मेरी पीठ पर धौल जमाते थे, जो स्नेह से, मुस्कराते हुए मुझे अंकवार में भर लेते थे, वे स्थिर हैं।

नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री

आखिर कब तक बेटियों पर जुल्म होते रहेंगे?

एक और तो हम हमारे देश को विकास की ओर ले जा रहे है और दूसरी ओर आए दिन हमारे देश में बेटियों के साथ बर्बरता के मामले सामने आ रहे है।

jahid hussain