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Thursday 15th of November 2018
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यूनिवर्सिटी डायरी: विदेश में पढ़ाई, खर्च में बरतें किफायत

$author    Rashi chaudhary
प्रतीकात्मक फोटो

देशों में अध्ययन करना घर के आराम भरे माहौल से बिल्कुल अलहदा हो सकता है। कभी तो यह एक खौफनाक दुनिया सा लग सकता है और कभी चुनौतीपूर्ण। विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान सूझबूझ से धन खर्च करना इनमें से एक चुनौती हो सकती है। हालांकि हम सभी की आकांक्षा होती है कि हमारी असीमित धन राशि खर्च करने की हैसियत होती, लेकिन दुर्भाग्य से वैसा हो नहीं पाता। न केवल हमारा ट्यूशन फी बहुत ज्यादा होता है, बल्कि हमारे माता-पिता को इसके अतिरिक्त भी हमें बहुत बड़ी राशि देनी पड़ती है। इस बजट में रहना एक बड़ी और वास्तविक चुनौती होती है। फिजूलखर्ची से बचने का सर्वोत्तम उपाय इधर उधर की बातों में भटकने से बचना है। अमेरिका मार्केटिंग से चलता है और आपको हमेशा ऐसी चीजें खरीदने के लिए ललचाएगा, जिसका आप कभी उपयोग ही नहीं कर पाएंगे। इसलिए माइक्रो लगेज स्कूटर से दूर रहें। विश्वास करें,  इनका कोई उपयोग नहीं करता।

पैसा बचाने का दूसरा उपाय यह है कि आप अपने धन की लगातार खोज खबर लेते रहें। क्लीयो जैसे ऐप्स अपने खर्च के प्रति सजग रहने में मदद करते हैं। साथ ही इससे आपको अपना धन विवेकपूर्वक खर्च करने में भी मदद मिलती है। यह बिल्कुल यूजरफ्रेंडली और सर्वसुलभ है। मैं हर उस व्यक्ति के लिए इसकी अनुशंसा करती हूं, जिसे अपने पैसे के प्रबंधन में मुश्किल आती  हो। इसके अतिरिक्त अपनी इच्छाओं और जरूरतों में अंतर करना सीखिए।

जैसे हमें मालूम है कि आपको उस टौरी बर्च बैग खरीदने की इच्छा है, लेकिन क्या आपको वास्तव में उस पांचवें बैग की आवश्यकता है। अपने आप से पूछें कि क्या आप उसके बिना रह पाएंगे। यदि आप उसके  बगैर भी रह लेंगे, तो समझ लीजिए कि आपको अपने सवाल का जवाब मिल गया। इसका मतलब यह नहीं कि आप कभी अपनी इच्छाएं पूरी ही नहीं कर पाएंगे। हर सप्ताह पैसे बचाइए और महीने के अंत में खरीदारी कीजिए, आनंद मनाइए। अच्छी तरह से खर्च किए गए पैसे से ज्यादा आनंद की कोई बात नहीं होती।

पाठ्यक्रम की किताबें भी बहुत महंगी होती हैं। अपने सीनियर छात्रों से किताबें खरीद लेना एक अच्छा उपाय हो सकता है। उनके पास अब ऐसी पुस्तकें हैं, जिनका उनके लिए कोई उपयोग नहीं है। और आप कम मूल्य पर उन्हें खरीद सकते हैं। आप ई-टेक्स्ट बुक का  भी उपयोग कर सकते हैं। लेकिन उससे आपकी आंखों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसलिए उनके बदले आॅनलाइन chegg.com और बेहतर विकल्प हो सकते हैं। अत: पहले से पढ़ी हुई पुस्तकें ही पढ़ें।

मुझे मालूम है कि कॉलेज एक बड़ी चुनौती पेश कर सकता है। मैंने भी ऐसा ही महसूस किया था, लेकिन समय के साथ हर चीज बेहतर होती जाती है। अपने ऊपर ज्यादा दबाव न डालें, क्योंकि ऐसी अनेक चीजें हैं, जिन पर आपका नियंत्रण नहीं हो सकता। फिर भी पैसे एक ऐसी चीज हैं, जिन पर आप नियंत्रण कर सकते हैं। इसलिए अपने बजट के भीतर रहें। इससे आपकी चिंताएं कम हो जाएंगी। यह कॉलेज के दिनों को बेहतर और अधिक आनंदपूर्ण बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है। 

- राशि चौधरी (लेखिका बोस्टन यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत)

Blog: rashichaudhary.blogspot.com

Mail ID: rashi@dnavajyoti.com


 

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