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Thursday 15th of November 2018
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घर से दूर एक घर

$author    Rashi chaudhary

ऐसी बहुत सारी जगहें नहीं होतीं, जिन्हें कोई घर कह सकें। फिर भी कॉलेज वह जगह होती है, जिसे आप घर कह सकते हैं। कुछ लोगों के लिए यह आसान नहीं होता। यह कोई असामान्य बात नहीं है। कुछ लोग दूसरों के मुकाबले मनोवैज्ञानिक बाधाओं से कहीं अधिक ग्रस्त होते हैं। उन्हें नए दोस्त बनाने में अधिक समय लग सकता है। यह कोई बुरी बात भी नहीं है। कई जने अकेले समय गुजारना पसंद करते हैं। लेकिन यदि आप आसानी से दोस्त बनाने के उपाय जानना चाहते हैं, तो यह हाजिर है। कुछ लोग प्रत्यक्षत: मिलनसार दिखने का प्रयास करते हैं। वे कुछ वैसा बनने का प्रयास करते हैं, जो वे नहीं हैं। वे नहीं समझ पाते कि साझी अनुभूतियों और संवेदनाओं वाले मित्र पाने के लिए किसी को भी अपने सच्चे और वास्तविक रूप में ही रहना होता है। आप अपने जैसे लोगों को ही आकर्षित करना चाहते हैं और वास्तविक अर्थों में अपने जैसा बना रहना ही इसका सर्वोत्तम उपाय है।

निष्कपटता व्यक्ति का सर्वाधिक आकर्षक गुण है। कई नए छात्रों का कैम्पस में कोई कमरा नहीं होता। इस स्थिति का आप अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। आपका कमरा दोस्त बनने और चर्चा करने के इच्छुक लोगों से भरा रहेगा। एक मशविरा यह है कि आप कमरे का दरवाजा खुला रखें। इससे लगेगा कि आपके कमरे में दूसरों का स्वागत है और सामने से गुजरने वाले कुछ देर वहां रुक कर आपसे बात करने की पहल कर सकते हैं। इससे वहां होने वाली बैठकों में भी आपको  शामिल होने का मौका मिलेगा। इससे आपको होस्टल की अपनी मंजिल पर रहने वालों को जानने समझने और बातचीत करने में मदद मिलेगी।

कुछ कैम्पसों में लगभग हर चीज के लिए क्लब होते हैं। अपनी अभिरुचि के क्लबों की सदस्यता लेकर आप समान रुझान के व्यक्तियों से परिचय कर सकते हैं। समान गतिविधियों में सक्रियता से विशेष सम्बंध बनते हैं और हमेशा बातचीत का कोई न कोई मुद्दा निकल ही आता है।
अपने क्लास में लोगों से बातें कीजिए। अपने क्लास में दोस्तों का होना हमेशा अच्छा होता है।

यदि आप से कोई क्लास छूट जाता है, तो दोस्त से आपको विषय की जानकारी हो जाएगी। आप नोट भी साझा कर सकते हैं। यदि आप लोग एक ही क्लास में हैं, तो आपमें बहुत कुछ साझा होगा और साझेदारी को बढ़ाने की गुंजाइश भी रहेगी। मैंने पाया है कि मन में कुछ बातें होना और क्लासों, क्लबों और दोस्तों के आवासों के आसपास बने रहने के कई फायदे हैं। कुछ सामान्य चीजों जैसे आइसक्रीम और जमी हुई दही खाने के लिए साथ होना भी काफी अच्छा है।

मैं कहना चाहती हूं कि फ्रोयो किसे अच्छा नहीं लगता। इन मेल मिलाप की योजनाएं बनाने से ही लगेगा कि आप तक दूसरे लोग पहुंच सकते हैं। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग आप तक खिंचते आएंगे। आप तनाव नहीं लें, यह महत्वपूर्ण है और अपने आपको धारा के सहारे छोड़ दें। दबाव महसूस करने की कोई जरूरत नहीं। कॉलेज एक चुनौती पेश करता है। इस राह में एक सहपाठी हालात को काफी बेहतर बना सकता है। इसे लेकर परेशान न हों। सही लोग स्वत: आप तक खिंचे चले आएंगे। 

राशि चौधरी (लेखिका बोस्टन यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत)

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